मै जब भी दूर जाता हूँ तो आँखें रूठ जाती हैं
ख्वाबों में गाँव आता हूँ तो आँखें रूठ जाती हैं
मैने रुतबा पैसा नाम बहुत कमाया मगर खुद को
स्वयं से दूर पाता हूँ तो आँखें रूठ जाती हैं
~Kumar Satendra
ख्वाबों में गाँव आता हूँ तो आँखें रूठ जाती हैं
मैने रुतबा पैसा नाम बहुत कमाया मगर खुद को
स्वयं से दूर पाता हूँ तो आँखें रूठ जाती हैं
~Kumar Satendra
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