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कहानी गर अधूरी हो

कहानी गर अधूरी हो मुकम्मल हो नहीं सकती
निराली हो किसी की छवि तो धूमिल हो नहीं सकती
जो करता है मुहब्बत तू तो फिर उसकी इबादत कर
जबरदस्ती की मुहब्बत कभी हाँसिल हो नहीं सकती

   ~Kumar Satendra

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हर पल बरसता बादल है

हर पल बरसता बादल है वो मेरे गाँव की लड़की मेरी आँखों का काजल है वो मेरे गाँव की लड़की खुद परी होके परियों का कहानी सुनती है अब भी कहूँ क्या कितनी पागल है वो मेरे गाँव की लड़की! ~Kumar Satendra

बाँट दिया

ईश्वर अल्लाह कभी रब में बाँट दिया अब कोरोना भी मज़हब में बाँट दिया ऊँचे कद पहुँच अब तूने नीचता दिखाई अंदर का सब ज़हर हम सब में बाँट दिया दाद देनी पड़ेगी हैवानियत की तेरी मतलब में कमाया मतलब में बाँट दिया तारीफ़ क्यूँ करूँ उस खुदा की खुदाई की पश्चिम से लिया "औ" पूरब में बाँट दिया ~Kumar Satendra