जहाँ सबकी निगाहें थी वही मेरा निशाना था
मोहब्बत करते हैं तुमसे मुझे भी ये बताना था
ज़रा भी पास आती थी ज़ुबाँ हकलाने लगती थी
दिलों में इश्क़ रहता था किताबों का ज़माना था
~Kumar Satendra ✍
मोहब्बत करते हैं तुमसे मुझे भी ये बताना था
ज़रा भी पास आती थी ज़ुबाँ हकलाने लगती थी
दिलों में इश्क़ रहता था किताबों का ज़माना था
~Kumar Satendra ✍
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